दीपावली धनतेरस पर भूल कर भी ना खरीदे ये सामान ! होगा बड़ा अशुभ धन की भी होगी हानी |

धनतेरस पर न खरीदें ये सामान, घर-परिवार हो सकता है बर्बाद :-  भारत एक हिन्दू धर्म देश है | जिसमे हर माह त्यौहार के रूप में मनाया जाता है | अगर बात की जाए होली, दशहरा, रक्षाबंधन, दीपावली हमारे देश के प्रमुख त्यौहार है | इन प्रमुख त्योहारों में दीपावली को सबसे मुख्य व महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है | दिवाली का त्यौहार पांच दिनों तक मनाया जाता है | दीपावली का पहला पर्व धनतेरस के रूप में | माना जाता है की धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी का घर में आगमन होता है | दूसरा पर्व छोटी दीवाली जिसे नरक चतुर्दर्शी के नाम से भी जाना जाता है | इस दिन घर आँगन की दिवारो व चाट पर घी व तेल के दीपक जलाकर घर में उजियारा किया जाता है | तीसरा पर्व जो सबसे प्रमुख होता है | इसे लक्ष्मी पूजन व दीपावली के नाम से जाना जाता है | इस दिन घर में साफ – सफाई कर माँ लक्ष्मी को चौकी पर विराजमान किया जाता है | व घी के दीपक से माँ की आरती उतारते है | दिवाली का चौथा पर्व पर गोवेर्धन पूजा पूजा की जाती है | इस दिन किसान लोग अपने बैलो व गायो की पूजा करते है | दीपावली पर्व का पांचवा व अंतिम पर्व भाई दूज के रूप में मनाया जाता है | इस पर्व पर विवाहित बहने अपने भाई को अपने ससुराल आमंत्रित कर स्नान आदि करवाके | भोजन करवाती है | और उपहार भेट करती है | इस प्रकार प्रेम सहित दीपावली के पांचो पर्व बड़े धूम – धाम से मनाए जाते है |

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धनतेरस को क्या खरीदे और क्या नही

दीपावली के दो दिन पहले दिवाली के पहले पर्व यानि धनतेरस को माँ लक्ष्मी के आगमन की खुशी में घर में नए आभूषण, बर्तन व नई – नई वस्तुओ की खरीदारी करते है | लेकिन खरीदारी की जोश में हम कुश छोटी बातो को नजर अंदाज या भूल कर बड़ी गलती कर माँ लक्ष्मी को क्रोधित कर देते है | जिससे माँ लक्ष्मी हमारे घर से रूठ कर चली जाती है | और हमे बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता | आज हम आपको यहाँ कुछ ऐसी बातो के बारे में बताएँगे | जो आपको धनतेरस के दिन बिलकुल भी नही करनी चाहिए | खरीदारी करते समय हमे उन्ही वस्तुओ व सामानों को खरीदना चाहिए जो माँ लक्ष्मी को प्रिय हो व जिससे देवी लक्ष्मी माँ प्रसन्न हो |

धनतेरस के दिन नए बर्तन व आभूषण क्यों खरीदे जाते है

धनतेरस को भूल कर भी ना खरीदे ये सामान

दीपावली एक खुशियों का त्यौहार है | इसे सभी के साथ खुश रहकर मनाया जाता है | धनतेरस के दिन हमे राहू से सम्बंधित कोई भी वस्तु का क्रय नही करना चाहिए | क्योकि राहू का प्रभाव लगभग सभी ग्रहों पर पड़ता है | सभी ग्रह राहू के दोष से प्रभावित होते है | और हम दीपावाली की खरिदारी में कुछ ऐसी वस्तु का क्रय कर लेते है जो हमे धनतेरस के दिन भूल कर भी नही करनी चाहिए |

धनतेरस को क्या खरीदे और क्या नही

आज हम आपको यहाँ ऐसी वस्तुओ के बारे में बताएँगे जो हमे दीपावाली के पावन पार्व धनतेरस के दिन नही खरीदनी चाहिए | निचे दी गई बातो को ध्यान पूर्वक पढ़े और इन वस्तुओ को धनतेरस पर बिलकुल भी ना खरीदे |

शीशे का सामान

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शास्त्र पुराणों के अनुसार शीशे को राहू से सम्बंधित बताया गया है | और जो वस्तु राहू से सम्बंधित हो उन्हें माँ लक्ष्मी के आगमन धनतेरस के दिन नही खरीदना चाहिए | लेकिन अगर किसी वजह से कांच का शीशा खरीदना जरूरी हो तो पारदर्शी शीशा खरीदे | शीशा धुंधला ना खरीदे | धनतेरस के दिन इस बात का विशेष ध्यान रखे की कांच की बनी हुई वस्तु ना खरीदे | जैसे की कांच की मूर्ति, कांच की फोटो फ्रेम या अन्य कांच की वस्तु, भूल कर भी ना खरीदे | इससे माँ लक्ष्मी क्रोधित होकर आपके घर में कभी भी निवास नही करेगी |

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एल्युमिनियम के बर्तन

प्राचीन समय से एक रिवाज चला आ रहा है की घर के बड़े – बुजुर्ग या महिलाए धनतेरस के दिन घर पर ने बर्तन या आभूषण खरीदकर माँ लक्ष्मी के नाम से घर में काम में लेते है | ऐसा माना जाता है की धनतेरस के दिन नई वस्तु लाने से माँ लक्ष्मी का आगमन होता है | लेकिन आपको बतादे की ऐसी कुछ वस्तुए या सामान है जो देवी माँ लक्ष्मी को प्रिय नही है | जैसे की कांच की वस्तुए, एल्युमिनियम की वस्तुए आदि | क्योकि ये वस्तुए राहू से सम्बंधित है | और धन की देवी माँ लक्ष्मी को राहू अपसंद है | इसलिए एल्युमिनियम से बनी वस्तु जैसे एल्युमिनियम के बर्तन (ग्लास,प्याली,थाली,पानी की मटकी आदि), एल्युमिनियम के आभूषण व घर की साज – सजावट के लिए एल्युमिनियम से बने सामान का कदापि खरीदारी नही करनी चाहिए | जानते हुए भी आप स्वार्थ में एल्युमिनियम के बर्तन, आभूषण या अन्य एल्युमिनियम से निर्मित वस्तु का क्रय करते है तो माँ लक्ष्मी आपसे नाराज हो जाएगी और आपके घर में दरिद्रता व नकारात्मक उर्जा बढेगी |

एल्युमिनियम के बर्तन

लोहे के बर्तन

माना जाता है की लोहा राहू को अत्यधिक प्रिय है | और जो वस्तु राहू को प्रिय होती है वो धनतेरस के दिन नहीं खरीदनी चाहिए | दीपावली का पहला पर्व धनतेरस के रूप में मानते है और कहा जाता है की इस दिन माँ लक्ष्मी को बड़े हर्षौल्लास के साथ घर – आँगन में प्रवेश करवाया जाता है | ध्यान रहे की धनतेरस के दिन लोहे की बनी वस्तु का कदापि क्रय नही करना चाहिए |

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नुकीला या तेज धार वाली वस्तुए

कैंची

धनतेरस का दिन बड़ा ही शुभ माना जाता है | यह दिन व्यापारियों व कारोबारियों के लिए बड़ा ही खाश होता है | शास्त्र पुराणों के अनुसार धनतेरस का मतलब धन की तेरेह गुना वृद्धि करना | और पावन पर्व पर हमे तेज धार वाली जैसे तलवार, कैंची, छुरी, चाकू या अन्य धार वाली वस्तु की खरीदारी नही करनी चाहिए | इससे सकारात्मक उर्जा का नाश होता है और नकारात्मक उर्जा को बढावा मिलाता है |

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सोने के आभूषण

धनतेरस का दिन बड़ा ही शुभ व अच्छा माना जाता है | इस दिन बहुत से लोग सोने, चांदी, पीतल व हीरे से बने आभूषण की खरीदारी करते है | माना जाता है की इससे माँ लक्ष्मी की द्रष्टि सदैव बनी रहती है | लेकिन आपको बतादे की धनतेरस को सोने के आभूषण की बजाए चांदी, पीतल व हीरे के आभूषण का क्रय करना बहुत शुभ माना गया है |

सोने के बिस्कुट या सोने के बॅड

अगर सोना खरीदना चाहते है तो सोने के बिस्कुट या सोने के बॅड खरीदें | इससे आपको लाभ होगा |

>>धनतेरस पर कौनसी वस्तु खरीदे जिससे घर – परिवार में हो धन की वर्षा ! <<

धनतेरस के दिन नए बर्तन व आभूषण क्यों खरीदे जाते है

हिंदू कैलेंडर के अनुसार धनतेरस कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को दिवाली से ठीक दो दिन पहले माँ लक्ष्मी के आगमन व धन की देवी लक्ष्मी माँ को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है | कारोबारियों व व्यापारियों के लिए धनतेरस का कुछ खास महत्व होता है | ऐसी धारणा है की धनतेरस के दिन नई वस्तु व आभूषण का क्रय कर लक्ष्मी पूजन किया जाता है | इससे घर – परिवार व व्यापार क्षेत्र में दरिद्रता व नकारात्मक उर्जा का ख़त्म होती है | और घर – परिवार व कारोबार में समृद्धि, खुशियां और सफलता मिलती है। धनतेरस का साबधिक अर्थ समृद्धि और तेरहवां दिन | धन का मतलब समृद्धि और तेरस का मतलब तेरहवां दिन होता है। धनतेरस यानी अपने धन को तेरह गुणा बनाने और उसमें वृद्धि करने का दिन | इसलिए धन वृद्धि व सुख – शांति के लिए धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी के प्रिय बर्तन व आभूषण खरीदे जाते है |

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